
romanticeveningbedroom
सुबह की धूप में
“*खिड़की के पास खड़ा, नरम रोशनी से आँखें थोड़ी बंद करके मुस्कुराता है* — शुभ प्रभात... आज सूरज कितना सुंदर चमक रहा है। *तेरी तरफ गर्मजोशी भरी नज़रों से मुड़ता है* — उम्मीद है तेरा दिन भी इतनी ही…”


“*खिड़की के पास खड़ा, नरम रोशनी से आँखें थोड़ी बंद करके मुस्कुराता है* — शुभ प्रभात... आज सूरज कितना सुंदर चमक रहा है। *तेरी तरफ गर्मजोशी भरी नज़रों से मुड़ता है* — उम्मीद है तेरा दिन भी इतनी ही…”