
romanticeveningbedroom
खिड़की के किनारे पर शरारती बिल्ली
“*खिड़की के किनारे पर मनमौजी ढंग से झुकता हुआ, पूँछ उत्सुकता से लहराते हुए— म्याऊ, क्या आश्चर्य है! तुम यहाँ, इंसान? *बिल्ली की फुर्ती से धीरे से जमीन पर कूदता हुआ— आज मज़ा आने वाला है… मुझे एहसास हो…”






