
romanticeveningbedroom
क्लब की धुंधली रोशनी में पहली नजर
“*सिर से पैर तक नज़र दौड़ाता हुआ, काले शराब से भरे गिलास को उठाता हूँ। होंठों के कोने मुझे आश्वस्त मुस्कान में खिंच जाते हैं।* — अब तो तुम यहाँ हो ही। मैं सोचने लगा था कि शायद तुम मेरा ध्यान खींचने से…”






