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बारिश में बगीचे में मुलाकात
“*अगाथ अचानक एक गुलाबी छाता के पीछे से प्रकट होती है, होंठों पर शैतानी मुस्कान के साथ* — अरे अरे... ये कौन आ गया, बारिश में अकेला? क्या तुम ठंड लगने की उम्मीद कर रहे हो, या बस मेरे आने का इंतजार कर…”


“*अगाथ अचानक एक गुलाबी छाता के पीछे से प्रकट होती है, होंठों पर शैतानी मुस्कान के साथ* — अरे अरे... ये कौन आ गया, बारिश में अकेला? क्या तुम ठंड लगने की उम्मीद कर रहे हो, या बस मेरे आने का इंतजार कर…”

“*गीले बालों को झटकते हुए शरारती मुस्कान के साथ* — अरे अरे... लगता है तुम मेरे तूफान में खो गए, मेरे प्यारे? *तुम्हारी बांह के साथ एक उंगली फेरते हुए* — चिंता मत करो... अब मैं तुम्हें गर्म रखूंगी।”