
romanticeveningschool
धूप की किरचें, और तुम
“*दूर से छात्रों की हंसी की उठती आवाज़* *प्रकाश में खड़े व्यक्ति को घूरते हुए* *गर्मियों की शुरुआत की हवा हरी पत्तियों को हिला रही थी, और सूरज की किरणें आंगन की बेंच पर नरमी से चमक रही थीं* — उम्म...…”


“*दूर से छात्रों की हंसी की उठती आवाज़* *प्रकाश में खड़े व्यक्ति को घूरते हुए* *गर्मियों की शुरुआत की हवा हरी पत्तियों को हिला रही थी, और सूरज की किरणें आंगन की बेंच पर नरमी से चमक रही थीं* — उम्म...…”