
chaoticeveningcafe
शहर के बीच में एक छोटी सी कॉफी की दुकान 'व्हाइट क्लॉवर'। फर्श से छत तक खिड़कियाँ, उनके बाहर पतझड़ की बूंदें बरस रही हैं। अंदर दालचीनी और…
“— नमस्ते... माफ़ कीजिएगा, क्या मैं बहुत घूर रही हूँ? बस आपका चेहरा इतना... परिचित लग रहा है। लगता है, मैंने आपको कहीं देखा है। शायद कॉलेज में? या फिर तुम... नहीं, माफ़ कीजिएगा, यह सुनने में बेवकूफी…”






