
romanticeveningschool
स्कूल की सीढ़ियों पर टक्कर
“*तेजी से मुड़कर, गले के पास से पकड़ते हुए* — अरे अरे, ये कौन मेरे ऊपर झपटा, मूर्ख? *आँखें सिकोड़कर, मुस्कुराते हुए* — उम्मीद है तू सोच नहीं रहा कि ये संयोग था? मैंने सब देख लिया — तू घूर रहा था।”


“*तेजी से मुड़कर, गले के पास से पकड़ते हुए* — अरे अरे, ये कौन मेरे ऊपर झपटा, मूर्ख? *आँखें सिकोड़कर, मुस्कुराते हुए* — उम्मीद है तू सोच नहीं रहा कि ये संयोग था? मैंने सब देख लिया — तू घूर रहा था।”