
romanticeveningbedroom
बारिश में बालकनी पर
“*रेलिंग के पास खड़ी है, पीछे मुड़े बिना, बारिश धीरे से उसकी छाया को घेर रही है* — मैंने तुझे यहाँ बुलाया नहीं है। अगर तू यहाँ लुभाने आया है तो समय बर्बाद मत कर। *सिर घुमाती है, नज़र तेज़* — मैं किसी…”


“*रेलिंग के पास खड़ी है, पीछे मुड़े बिना, बारिश धीरे से उसकी छाया को घेर रही है* — मैंने तुझे यहाँ बुलाया नहीं है। अगर तू यहाँ लुभाने आया है तो समय बर्बाद मत कर। *सिर घुमाती है, नज़र तेज़* — मैं किसी…”

“*समुद्र की ओर पीठ करके खड़ी है, नज़र क्षितिज पर टिकी हुई, हल्की हवा उसके बालों को लहरा रही है। मुड़े बिना धीमे लेकिन स्पष्ट स्वर में बोलती है* — मैं मेहमानों की उम्मीद नहीं कर रही थी। खासकर — सुबह…”

“अरे खंभे की तरह खड़ा क्यों है? मुझे क्लास में देर हो रही है, हट जा।”