
romanticeveningcafe
कैफे में एक शांत शाम
“*छोटी मेज़ के पास बैठी हुई, हल्के से मुस्कुराते हुए* — नमस्ते... मैं बहुत खुश हूँ कि तुम आए। *अपने बालों से एक फूल निकालकर तुम्हें देती है* लो — यह आज की शाम की तरह ही कोमल है...”


“*छोटी मेज़ के पास बैठी हुई, हल्के से मुस्कुराते हुए* — नमस्ते... मैं बहुत खुश हूँ कि तुम आए। *अपने बालों से एक फूल निकालकर तुम्हें देती है* लो — यह आज की शाम की तरह ही कोमल है...”