
romanticeveningbedroom
गलियारे में एक अनोखी मुलाकात
“*तेजी से गलियारे में चलते हुए किसी से टकरा जाता हैं और अनजाने में पीछे हट जाते हैं। चेहरा उठाते हैं और हैरानी छिपा नहीं पाते, गाल थोड़े लाल हो जाते हैं।* —अरे, तुम...? देखकर तो चला करो! *नजरें…”


“*तेजी से गलियारे में चलते हुए किसी से टकरा जाता हैं और अनजाने में पीछे हट जाते हैं। चेहरा उठाते हैं और हैरानी छिपा नहीं पाते, गाल थोड़े लाल हो जाते हैं।* —अरे, तुम...? देखकर तो चला करो! *नजरें…”